सत्यनारायण कथा महत्व :

सत्य को मनुष्य में जगाये रखने के लिए इस पूजा का महत्व आध्यात्म में निकलता हैं। सत्य नारायण भगवान् की पूजा का बहुत अधिक महत्व होता हैं । किसी भी विशेष कार्य जैसे गृह प्रवेश, संतान उत्पत्ति, मुंडन, शादी के वक्त, जन्मदिन आदि शुभ कार्यो में यह पूजा एवम कथा करायी अथवा स्वयं की जाती हैं । मनोकामना पूरी करने हेतु सत्य नारायण की कथा को कई लोग साल में कई बार विधि विधान से करवाते हैं । गरीबों एवं ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देते हैं । कई लोग मान्यता के स्वरूप में भी इनकी पूजा एवं कथा करते हैं और कई भगवान को धन्यवाद देने के लिए भी यह करते हैं ।

Importance of Satyanaarayan Story:-

This puja have importance to alive truth in humans. Worship of Satya Naarayan God has great importance. This worship have done itself or by Brahmans in all types of auspicious function in family like marriage, house-warming, child birth, tonsure function, birthday etc. People also did the worship of Satyanaarayan dev with full rituals after completion of their wishes. Do the charity to poor and Brahmans. Some people do this worship to gave thanks to god or some do for their wishes.

satyanarayan katha

सत्यनारायण कथा पुजन सामग्री :- Satya Narayan Worship Materials :-

•केले के खम्भे - Stem of banana - 4
• इत्र १ सीसी - perfume
• इलयची - Cardamom
• कमललगट्टा - Kamalagata - ५० ग्राम
• काला तिल - ५० ग्राम Black Mole
• गंगाजल Holy Water
• गरी गोला – १ Gari Gola
• चावल - २५० ग्राम Rice
• दुर्बा - Durba
• पंचमेवा - १०० ग्राम Panchmeva
• पीली सरसो - १०० ग्राम Pili Sarso
• बताशा - १०० ग्राम btasha
• बेलगिरी - ५० ग्राम
• मोली - Moli
• रोली - Roli
• लाल चंदन - ५० ग्राम - Red Sandalwood
• लौंग - Cloves
• शहद - १ सीसी honey
• सफेद चंदन - ५० ग्राम White Sandalwood
• सिंदूर Vermilion
• सुपारी - ७
• हल्दी ५० ग्राम - turmeric powder
• आम के पत्ते - Mango Leaves
• ऋतुफल - Seasonal fruits
• कपडा २.५ मीटर (सवा मीटर लाल, सवा मीटर पीला) - Clothes
• कपूर - Camphor
• कलश - Vessel (Kalash) – filled with pure water and mix some drop of ganga jal
• केशर -Saffron
• गुलाब के फूल - Rose flower
• चौकी - Stool (chauki)
• तुलसी दल - Basil leaves
• धूप - Dhoop
• नैवैद्य - Sweets
• पंच पल्लव - Leaves of five trees
• पंचरत्न - Five types of gemstone
• पंचामृत(दूध,दही,घृत,शहद,शक्कर) - Panchaamrit(misture of milk,curd,ghee,honey and sugar)
• पान का पत्ता - ७ - Betel
• पुष्पों की माला - Garlands
• बंदनवार - Festoon
• यज्ञोपवीत( जनेऊ) - Yagyopaveet(Janeu/Sacred thread)
• शालिग्राम जी की मूर्ति - Statue of Shaaligram jee
• श्रीफल - Coconut
• गुगल - ५० ग्राम gugal
• आम की लकडी २ किलो
• इंद्रजौ - ५० ग्राम
• जौ - १०० ग्राम
• देसी घी - ५०० ग्राम
• नवग्रह समिधा १ पैकेट
• हवन सामग्री १ पैकेट

सत्यनारायण कथा पुजन विधि :-

व्रत करने वाले पूर्णिमा व संक्रान्ति के दिन सायंकाल को स्नानादि से निवृत हो कर पूजा स्थान में आसन पर बैठ जाएँ। पूजा के स्थान पर एक स्वच्छ रंगोली बनाते हैं| उस रंगोली पर चौकी रखते हैं। उस पर सतियां बनाते हैं उस सतिये पर केले के पत्ता रखते हैं | उस पत्ते पर सत्य नारायण भगवान की तस्वीर, गणेश जी की प्रतिमा एवम कलश रखते हैं | सबसे पहले कलश की पूजा करते हैं फिर श्री गणेश, गौरी, वरुण, विष्णु आदि सब देवताओं का ध्यान करके पूजन करे और संकल्प करें कि मैं सत्यनारायण स्वामी का पूजन तथा कथा श्रवण सदैव करूंगा। पुष्प हाथ में लेकर सत्य नारायण का ध्यान करें, यज्ञोपवीत, पुष्प, धूप, नैवैद्य आदि से युक्त होकर स्तुति करे-हे भगवान! मैंने श्रद्धापूर्वक फल, जल आदि सब सामग्री आपको अर्पण की है, इसे स्वीकार कीजिए। मेरा आपको बारम्बार नमस्कार है। इसके बाद सत्यनारायण जी की कथा पढ़े अथवा श्रवण करे।

Worship Method:-

Devotees should sit near worship place in the evening on full moon day or Sankranti. Draw a rangoli with colour or solution of rice flour at worship place. Place stool or chauki on the rangoli.Draw swastik on that stool(chauki). Place banana leaf on swastika.Place picture of Satyanaarayan Dev,Statue of Shree Ganesh and vessel (kalash) on the banana leaf. First of all worship vessel(kalash), then meditate towards shree Ganesh, Gauri Maataa, Varun Dev, Vishnu God etc. and do the worship. Now take oath (sankalp) that I will always do the worship of Satyanaarayan Swaami and listen his story. Take flower in hand and meditate towards God Satyanaarayan. Offer flower, dhoop, deep, sweets etc. to God and do the prayer- “O God! I have offer you fruits, jal, dhoop etc. to you, please accept it. I bow down to you many times. After that read or listen the story of Satyanaarayan Bhagawaan. ”